आरिफ नियाज़ी
मंगलौर में बसपा विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद उपचुनाव लड़ने को लेकर उनके परिवार में हो रही खींचतान पूरी तरह अब खत्म हो चुकी है। कस्बे के जिम्मेदार लोगों और परिवार के सभी सदस्यों की मौजूदगी में विधायक की पत्नी नसीमा अंसारी को उपचुनाव लड़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है अब सब कुछ ठीक ठाक रहा तो मरहूम हाजी सरवत करीम अंसारी की पत्नी नसीमा अंसारी उप चुनाव लड़ेंगी। इसके लिए पूरे परिवार में भी सहमति बन चुकी है। हालांकि बताया जा रहा है की कल रविवार को लक्सर से बसपा विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद और परिवार के अन्य सभी लोग इसकी एक प्रेस वार्ता कर इसकी विधिवत रूप से घोषणा करेंगे।फिलहाल सोशल मीडिया में जो लोग उपचुनाव को लेकर हाजी परिवार के अंदर जो भ्रांतियां फैला रहे थे उन पर भी विराम लगा है। इद्दत पूरी करने के बाद नसीमा अंसारी पूरी तरह से सक्रिय नज़र आएंगी।
गौरतलब है की मंगलौर के बसपा विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी के देहांत के बाद मंगलौर सीट पर उपचुनाव होना है जिसके लिए सभी राजनैतिक दलों के नेता आए दिन चुनाव को लेकर अपने अपने बयान भी मीडिया में जारी कर रहे हैं। जिनमें सबसे अधिक भाजपा के हैं जहां एक दर्जन से अधिक छोटे बड़े नेता अपनी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। दरअसल हाजी जी के परिवार में तीनों लड़कों के बीच उप चुनाव पर सहमति नहीं बन पा रही थी जिसके चलते उनके समर्थक और पार्टी के लोग कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे बताया जा रहा है की परिवार और क्षेत्र के कुछ जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी की पत्नी नसीमा अंसारी पर सभी लोगों की सहमति बनी है। अब देखना यह है की नसीमा अंसारी के नाम पर बनी सहमति कितनी सफल हो पाती है।
गौरतलब है की हाजी जी के कुछ समर्थक सबसे बड़े पुत्र जुनैद अंसारी एडवोकेट के समर्थन में थे तो कुछ उबैदुर्ररहमान उर्फ मोंटी अंसारी का समर्थन कर रहे थे वहीं सबसे छोटे बेटे आमिर अंसारी भी उप चुनाव लड़ने के इच्छुक बताए जा रहे थे लेकिन परिवार में अलग अलग नाम सामने आने से जहां हाजी जी समर्थक असमंजस की स्थिति में थे तो वहीं बसपा नेता भी कुछ समझ नहीं पा रहे थे। लगातार सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी से भी पार्टी की फजीहत हो रही थी
लेकिन अब इन सभी चर्चाओं पर विराम लग चुका है बताया जा रहा है की परिवार को एक जुट करने में लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद की भी मेहनत रही है और उन्होंने ही सभी के सुझाव से नसीमा अंसारी का नाम तय किया है हालांकि इसकी अभी तक कोई घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें तेजी से वायरल हो रहीं हैं। दरअसल इस सीट पर उपचुनाव को लेकर बसपा भी बेहद गंभीर है और वह अपनी इस सीट पर जरा भी कोई चूक नहीं होने देना चाहती। इस उपचुनाव में फिलहाल कई राजनैतिक दल चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं तो वहीं भाजपा के पूर्व गन्ना मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के आने से मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।
वहीं कांग्रेस की बात करें तो मात्र कुछ वोटों से चुनाव हारे कांग्रेस नेता काज़ी निजामुद्दीन भी इस उपचुनाव में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।मंगलौर का होने वाला उपचुनाव काफी दिलचस्प माना जा रहा है।दरअसल विधायक के निधन के 6 माह बाद उपचुनाव होना है हालांकि अभी तक भले ही सरकार की ओर से कोई घोषणा अभी ना हुई हो लेकिन सभी दल चुनाव लड़ने के लिए बेताब नज़र आ रहे हैं।





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