Jan Mudde

No.1 news portal of India

रुड़की भाजपा नेता ने जिला पंचायत सदस्य पर लगाया फर्जी दस्तावेज पर चुनाव जीतने का गंभीर आरोप, अधिकारियों से की शिकायत

Spread the love

आरिफ नियाज़ी

रुड़की भाजपा नेता जगजीवन राम ने मेवड़ खुर्द जिला पंचायत सदस्य पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ने का गंभीर आरोप लगाया हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधान पर नामांकन पत्र में तथ्य छिपाने के आरोप भी लगाए हैं। भाजपा नेता जगजीवन राम के अनुसार उनके द्वारा मांगी गई आरटीआई में इसका खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत के आधार पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया है।

रुड़की स्थित एक वेंकट हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश मंत्री जगजीवनराम ने आरोप लगाया कि मेहवड़ खुर्द सीट से चुनाव जीती सपना रोड़ ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मांगी गई आरटीआई में कई खुलासे हुए हैं जिसमें सपना शहरी क्षेत्र की निवासी है और लम्बे समय से रुड़की नगर निगम के आदर्शनगर में निवास करती आ रही हैं। लेकिन चुनाव लड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के फर्जी तरीके से मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र तैयार किए गए।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का पूरे देश में एक ही राशनकार्ड में नाम हो सकता है लेकिन सपना का नाम पहले से ही आदर्शनगर के राशनकार्ड में है और वहां से नाम करवाए बिना दूसरा राशनकार्ड बेलडा गांव का फर्जी तरीके से बनवा दिया। उन्होंने कहा कि सपना ने दस्तावेजों में अपने आपको बेलडा में 15 वर्षों से निवास होना दिखाया है लेकिन वह वास्तव में रुड़की के आदर्श नगर में रहती है। बेलडा में केवल चुनाव लड़ने के लिए 216 फिट की जमीन की रजिस्ट्री करवाई और उसमें रहना दिखाया गया। जबकि इतने बड़े मकान में केवल दुकान बन सकती है परिवार कैसे रहेगा।

जगजीवन राम के अनुसार
सपना के नाम का बिजली कनेक्शन किसी और के घर चलता पाया जिसमें मुकदमा भी दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी फर्जी दस्तावेज अधिकारियों की मिलीभगत से फरवरी 2022 से अगस्त तक तैयार किए गए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बेलडा ग्राम के प्रधान सचिन ने नामांकन पत्र में तथ्यों को छुपाया है आरोप लगाया कि उनके द्वारा अपने पिछले कार्यकाल में तत्कालीन अधिकारी कर्मचारियों के साथ-साथ सरकारी धन का गबन किया गया था जिसकी जांच लोकपाल महात्मा गांधी मनरेगा हरिद्वार द्वारा 4 अप्रैल 2022 को पूरी की गई थी जिसमें मजदूरों की उपस्थिति मस्टरोल में अधिक दर्ज की गई थी और 38200 की मजदूरी का भुगतान प्राप्त किया गया था।

जांच में गबन की पुष्टि होने के बाद खंड विकास अधिकारी को 25844 रिकवरी करवा एक एक-एक हजार का जुर्माना तत्कालीन अधिकारी कर्मचारी व ग्राम प्रधान सचिन कुमार के खिलाफ किया गया था जिसमें ग्राम प्रधान सचिन द्वारा 25844 का भुगतान तो राजकीय कोष में जमा कर दिया लेकिन एक एक हजार का जुर्माना आज तक भी राजकीय कोष में नहीं जमा किया और नामांकन पत्र दाखिल करते समय शपथ पत्र में यह तथ्य छिपाए गए। जगजीवन राम ने आरोप लगाया कि सचिन के खिलाफ विभिन्न थानों में कई अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं लेकिन अपने नामांकन में उन्होंने अपने ऊपर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज होना नहीं दिखाया है जो कि चुनाव गाइडलाइन के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि दोनों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। बताया कि उनके द्वारा मामले की शिकायत
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की से की गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मामले में तहसीलदार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है और पंद्रह दिन में जांच रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा है।

error: Content is protected !!
जन मुद्दे के लिए आवश्यकता है उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न० 9719430800,9557227369