आरिफ नियाज़ी
कलियर शरीफ पहुंचे उत्तराखण्ड उलेमा कौन्सिल के अध्यक्ष एवं राज्य हज समिति और उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मौलाना ज़ाहिद रज़ा रिज़वी ने एक बयान में कहा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किये गये इस ऐलान से कि शीघ्र ही उत्तराखण्ड में 1000 मज़ारात को शहीद कर दिया जायेगा जो कि सरकारी ज़मीनों पर बने हुए हैं। मुख्यमंती के इस बयान से न सिर्फ उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के उलमा दरगाहों के सज्जादगान और मज़ारात से आस्था रखने वाले लोगों में बेहद रोष पाया जा रहा है।
मौलाना रिज़वी ने कहा कि ये प्रदेश देवभूमि है सूफी-संतो का और आस्थाओं का प्रदेश हैं यहा विभिन्न धर्माें के लोग अपनी सभ्यता और अपने कल्चर के साथ रहते हैं और अपने-अपने धर्म पर आस्था रखते हैं। मौलाना ने कहा कि मस्जिद में सिर्फ मुसलमान जाते हैं और मदरसों में सिर्फ मुस्लिम बच्चे शिक्षा पाते हैं लेकिन मज़ारात, दरगाहें वो जगह हैं कि जहां बिना किसी धर्म के भेदभाव के तमाम धर्मों के लोग जाते हैं और उनसे अपनी सच्ची श्रद्धा और आस्था रखते हैं। ये मज़ारात ही वो स्थान हैं
जो भाईचारगी और कौ़मी एकता के प्रतीक हैं। जिसके उदाहरण के तौर पर अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज़, दिल्ली में हज़रत निज़ामुद्दीन महबूबे इलाही, ख्वाजा कुतब, पानीपत हरियाणा में हज़रत बू अली शाह कलन्दर और शम्सउद्दीन तुर्क पानीपती और उत्तरखण्ड के पीरान कलियर शरीफ में हज़रत मख्दमू साबिर कलियरी हैं। जिनके मज़ारात पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हिन्दू मुस्लिम एकता और गंगा-जमनी तहज़ीब की मिसाल है। लोग आस्था से यहां आते हैं और अपनी मुरादें मांगते हैं जो कि अधिकतर पूरी होती हैं। मज़ार हो या कोई समाधि कब्रिस्तान हो या शमशान घाट इनकी स्थापना कोई नई परम्परा नहीं बल्कि सैकडा़े वर्ष पुरानी है।
मुख्यमंत्री के इस एैलान से उत्तराखण्ड में सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं बलकि मज़ारात से आस्था से श्रद्धा रखने वाले तमाम लोगों में बेचैनी पाई जाती है। मौलाना ने मुख्यमंत्री से कहा है कि अगर ज़मीने खाली ही करानी हैं तो मज़ारों और दरगाहों की आड़ मे अगर किसी ने सरकारी ज़मीन पर अवैध अतिक्रमण किया है तो उसे हटाने की कार्यवाही की जाय ना कि मज़ारों को। उत्तराखण्ड वैसे भी आपदा पीडित प्रदेश है समय-समय पर प्राकृतिक आपदा आती रहती हैं इसलिये इस प्रदेश में कोई कार्य ऐसा न किया जाय कि जिससे हम सब का मालिक नाराज़ हो और अल्लाह न करे हमे किसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पडे़।
श्री रिज़वी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राजनैतिक समस्याएं प्रदेश में और बहुत हैं वो इस तरफ ध्यान दें, प्रदेश के विकास और तरक्की के लिये प्रदेश की सारी जनता उनके साथ खडी है। मौलाना रिज़वी ने कहा ईद के बाद प्रदेश भर के उलमा, सज्जादगान और मज़ारात के ज़िम्मेदारान का एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात कहेगा और इस गंभीर मामले की तरफ उनका ध्यान आकर्षित करायेगा। मौलाना ने आशा व्यक्त की है कि मुख्यमंत्री हमारी बात सुनेंगे और इस समस्या का कोई बेहतर समाधान करेंगे।



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