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रुड़की में महामंडलेश्वर के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराने की मांग को लेकर समिति के सदस्यों ने सौंपा एस पी देहात को ज्ञापन

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आरीफ नियाज़ी

जीवन दीप आश्रम में जूना अखाड़े के  महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रनाथ गिरी  के बयान से रुड़की की दलित मुस्लिम पिछड़ा वर्ग एकता संगठन समिति के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।समिति के दर्जनों कार्यकर्ताओ ने शनिवार को एस पी देहात प्रमेन्द्र सिंह डोबाल  को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें स्वामी के बयान का विरोध करते हुए उनके खिलाफ देहद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की गई।

समिति के संस्थापक अध्यक्ष सोमपाल सिंह न्याल ने  कहा कि  महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रनाथ देश की एकता अखंडता और आपसी भाईचारे के सौहार्द को खत्म कर देना चाहते हैं साथ ही संविधान  को भी बदलने की साजिश रच रहे हैं  इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान देना किसी भी तरह से उचित नहीं  हैं। इस मौके पर  समिति के संयोजक  एस आर अम्बेडकर ने आरोप लगाया कि महामंडलेश्वर का अरबी मदरसों को बंद करना, एवं  जनसंख्या पर दो से अधिक बच्चों के लिए कठोर कानून बनाने  के साथ साथ उनको सख्त सजा देने वाला बयान एक सामन्तवादी सोच और  ताकतों को बढ़ावा देता है।

उन्होंने आरोप लगाया की  संविधान के खिलाफ बयान देने की किसी को भी अनुमति नही है चाहे कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों ना हो।समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने एस पी देहात प्रमेन्द्र सिंह डोबाल से मांग करते है कहा कि स्वामी से महामंडलेश्वर की उपाधि वापस लेते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।इससे पूर्व समिति के सदस्य हाथ मे बैनर लिए और नारेबाजी करते हुए एस पी देहात के कार्यालय में पहुंचे।इस मौके पर  संस्थापक अध्यक्ष सोमपाल सिंह न्याल,शिवकुमार गौतम,अमित कुमार,सीताराम,मेहर सिंह,नेत्रपाल अठवाल,अमित कुमार मास्टर,कोमल रानी और इसरार हुसैन आदि मौजूद रहे।

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