आरिफ नियाज़ी।
रुड़की स्थित कृषि मंडी समिति पहुंचे राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य विनय प्रताप सिंह का मंडी कर्मचारियों ने फूल-मालाओ से ज़ोरदार एवं आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान आयोग सदस्य काफी आक्रामक और नए तेवर में नज़र आए। उन्होंने मंडी प्रबंधन व ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी सूरत में सफाई कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ या अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आयोग सदस्य विनय प्रताप सिंह ने मंडी कर्मचारियों की समस्याओं को बेहद बेबाकी से उठाते हुए कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही का सीधा खामियाजा गरीब कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन से ईएसआई और पीएफ की कटौती तो नियमपूर्वक की जा रही है, लेकिन ठेकेदार और संबंधित अधिकारी समय पर इसे उनके खातों में जमा नहीं कर रहे हैं।
जब कर्मचारियों को इलाज या आपात स्थिति में इस पैसे की ज़रूरत होती है, तो उन्हें भटकना पड़ता है। उन्होंने कहा अब
“सफाई कर्मचारियों का ईएसआई और पीएफ दबाने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों पर गाज गिरना तय है। वर्तमान में ऑडिट की प्रक्रिया चल रही है; यदि इस दौरान किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
विनय प्रताप सिंह ने कहा कि नगर निकाय से लेकर चीनी मिलों तक आयोग की पैनी नज़र है
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग लगातार पूरी निष्ठा के साथ कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है। आयोग की नज़र केवल नगर निकायों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि चीनी मिलों, कृषि मंडियों और अन्य सभी सरकारी व अर्ध-सरकारी संस्थानों में तैनात सफाई कर्मचारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान कृषि मंडी के सचिव पंकज राज शाह विशेष रूप से मौजूद रहे। आयोग सदस्य ने मंडी प्रबंधन को निर्देश दिया कि वे ठेकेदारों द्वारा दी जा रही सुविधाओं और कटौतियों की नियमित निगरानी करें ताकि किसी भी कर्मचारी का शोषण न हो सके। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंडी कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने आयोग सदस्य के इस कड़े रुख का स्वागत किया और अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।





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