आरिफ नियाज़ी।
रामपुर नगर पंचायत में विकास कार्यों के पूरी तरह ठप होने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सभासदों में गहरा असंतोष व्यापत है। नगर के विभिन्न वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी और जनसमस्याओं के समाधान में हो रही देरी से नाराज सभासदों ने अब प्रशासन व बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सभासदों का आरोप है कि नगर पंचायत में पिछले काफी समय से विकास से जुड़ी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। सड़कों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव और पेयजल आपूर्ति जैसी अति-आवश्यक सेवाएं पूरी तरह बदहाल स्थिति में हैं। जनहित के कार्यों में शिथिलता के कारण आम लोगो को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।आरोप है क़ी वार्डों में नए निर्माण कार्य बंद पड़े हैं और पुरानी विकास परियोजनाओं को जानबूझकर लटकाया जा रहा है क्षेत्र की जनता लगातार सभासदों से जवाब मांग रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई ना होने से जनप्रतिनिधि भी खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं।इतना ही नहीं विकास के नाम पर आ रहे बजट का पारदर्शी तरीके से उपयोग ना होने का भी आरोप लगाया गया है।सभासदो नें मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विकास कार्यों को गति नहीं दी गई और जनसमस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। सभासदों का कहना है कि नगर हित में वे बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन की होगी।नगर पंचायत की इस गुटबाजी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब रामपुर के विकास पर सवालिया निशान लग गया है, वहीं सभासदों के इस कड़े रुख के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।





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