आरिफ नियाज़ी।
रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने घाड़ क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। नदियां उफान पर आने से जहां तीन पोल और कंडक्टर पानी के तेज बहाव में बह गए, वहीं ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुआ हालांकि अधिकारियों की मुस्तैदी से देर शाम तक विद्युत आपूर्ति सुचारु कर ली गई।हालांकि सोलानी और राय घाटी नदी के जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि से 11 KV लाइन को भारी क्षति पहुँची है। विभागीय अधिकारियो के मुताबिक बुग्गावाला में 11,000 वोल्ट की मुख्य लाइन और बंदरजूड़ व तेलपुरा फीडर के 3 बिजली के पोल नदी के तेज़ बहाव में बह गए।
नदी के तेज कटाव से बनजारेवाला गांव का ट्रांसफार्मर का जोड़ा भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
ऊर्जा निगम के एस डी ओ सजल हठवाल और अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। हालांकि ऊर्जा निगम की टीम की कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम तक बिजली सप्लाई शुरू हो सकी।
दरअसल रविवार रात क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के चलते घाड़ क्षेत्र की प्रमुख —सोलानी नदी और राय घाटी की नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया जिसके चलते नदियों में आए तेज बहाव के कारण बुग्गावाला क्षेत्र की 11,000 वोल्ट (11KV) की मुख्य विद्युत लाइन को भारी नुकसान पहुंचा।पानी का थपेड़ा इतना तेज था कि बंदरजूड़ फीडर और तेलपुरा फीडर के तीन बिजली के खंभे (पोल) जड़ से उखड़कर नदी के तेज बहाव में बह गए। केवल पोल ही नहीं, बल्कि उनके साथ लगे कंडक्टर (बिजली के तार) भी नदी में बह गए। इसके अलावा, बंजारेवाला गांव के पास नदी के किनारे स्थापित ट्रांसफार्मर का जोड़ा भी भीषण कटाव की चपेट में आ गया, जिससे ट्रांसफार्मर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
अफरातफरी के बीच
घटना की सूचना मिलते ही ऊर्जा निगम के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भगवानपुर के उपखंड अधिकारी सजल हठवाल तुरंत अपनी टीम और संबंधित अवर अभियंता (JE) के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
हालांकि बिजली गुल होने से ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में डूब गया था। ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने प्रतिकूल मौसम के बीच जी-तोड़ मेहनत की और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया। अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम तक प्रभावित क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति को सुचारु रूप से बहाल कर दिया गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
पूरे मामले की जानकारी देते हुए SDO भगवानपुर सजल हठवाल ने बताया की
”भारी बरसात के दौरान घाड़ क्षेत्र की छोटी-बड़ी सभी नदियां और नाले उफान पर आ जाते हैं। नदियों के मुहाने और आसपास लगे विद्युत पोलों व ट्रांसफार्मरों को कटाव के कारण हमेशा अधिक खतरा बना रहता है। खराब मौसम के कारण इस भौगोलिक क्षेत्र में काम करना काफी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन की टीम पूरी तरह मुस्तैद है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागीय टीम 24 घंटे तत्पर है।”





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