आरिफ नियाज़ी।
रुड़की/झबरेड़ा। सावन के पावन एवं पुण्यदायी माह में भगवान शिव के अनन्य भक्त कांवड़ियों की सेवा के उद्देश्य से भारतीय समाज कल्याण सेवा समिति, प्रज्ञा हॉस्पिटल, संजीवनी शिक्षा पीठ, तुलसी हॉस्पिटल, रुड़की तथा डॉ. बबीता चोपड़ा के संयुक्त सौजन्य से मंगलौर चौराहे पर विशाल सेवा शिविर का आयोजन किया गया।
सेवा शिविर में हजारों श्रद्धालु कांवड़ियों को प्रेमपूर्वक भोजन प्रसाद एवं ताज़ा लीची ड्रिंक तथा केला वितरित किया गया। आयोजन का उद्देश्य शिवभक्तों की सेवा कर पुण्य अर्जित करना तथा समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश देना था।इस अवसर पर डॉ. वंदना डॉ (mbbs md ), डॉ अर्पित त्रिपाठी एमबीबीएस एमएस स्वामी तुलसी हॉस्पिटल, रुड़की, डॉ. अलका त्रिपाठी, डॉ. दिनेश त्रिपाठी, डॉ. बबीता चोपड़ा, प्रीतम शर्मा, अनुज, अंकित, ममता, एलन पीटर, गमन सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए स्वयं शिवभक्तों की सेवा की। डॉ. वंदना त्रिपाठी के चाचा एवं चाची ने भी विशेष रूप से उपस्थित होकर सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई।आयोजन के दौरान डॉ. अलका त्रिपाठी का समर्पण, सेवा-भाव एवं सक्रिय योगदान विशेष रूप से सराहनीय एवं प्रेरणादायी रहा, जिसकी सभी उपस्थितजनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
संजीवनी शिक्षा पीठ की ओर से डॉ. दिनेश त्रिपाठी, राकेश तथा संजीवनी परिवार, प्रज्ञा परिवार एवं तुलसी परिवार के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में सहयोग दिया। इस अवसर पर डॉ. आनंद भारद्वाज डॉ दिव्यांश त्रिपाठी सहित अन्य वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, शिवभक्तों के दर्शन किए तथा इस पुण्य सेवा के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
आयोजकों ने समाज के सभी नागरिकों से अपील की कि सावन के इस पवित्र माह में प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा अवश्य करें। सेवा, सहयोग और मानवता ही भगवान शिव की सच्ची आराधना है।
कार्यक्रम का समापन भगवान भोलेनाथ से समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं विश्व कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ।





More Stories
विप्र फाउंडेशन द्वारा शिव भक्तों की सेवा के लिए लगाया गया कावड़ पटरी पर भंडारा।
गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल,नगर पंचायत लंढ़ोरा के अध्यक्ष डॉ. नसीम अहमद ने शिव भक्तों के लिए लगाया भंडारा।
देहरादून के शौर्य प्रताप ने सबसे ज्यादा 52.12 मीटर भाला फेंका,मिली बधाईयां, देश का किया नाम रोशन।