आरिफ नियाज़ी।
रूड़की के बिझोंली गांव स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक अशोक पाल किसी परिचय के मोहताज नहीं है शिक्षक रहते हुए उन्होंने समाज में शिक्षा की जो अलग जगाई है उसने शिक्षक अशोक पाल क़ो दूर दूर तक काफी प्रसिद्ध कर दिया है। शिक्षक अशोक पाल ने जहाँ छोटे बच्चों क़ो बेहतर तालीम देने का काम किया तो वहीं उन्होंने प्रोड़ शिक्षा से लेकर पर्यावरण के प्रति लोगों क़ो जागरूक करने का रहा है इसके लिए गुरु जी के पास कोई सरकारी या गैर सरकारी आर्थिक सहायता नहीं है बल्कि गुरु जी अपने स्वयं के खर्च पर सामाजिक कार्य करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में गुरु जी अशोक पाल का अहम योगदान है इसके आलावा समय समय पर केंद्र और प्रदेश की योजनाओं क़ो भी घर घर तक पहुंचाने का कार्य करते हैं हालांकि अशोक पाल कई बार इसके लिए सम्मानित भी हो चुके हैं अब उन्हें जिलाधिकारी से सम्मानित होने का बेसब्री से इंतज़ार है। वहीं अब 9 जनवरी से 11 जनवरी तक होने वाले क्रम की रूप रेखा एव उददेश्य हेतु भारतीय भाषा दिवस के लिए ऑनलाईन कार्य क्रम का अयोजन भी किया गया।उत्तराखण्ड के भाषा शिक्षक डा० अशोक पाल सिंह ने भी प्रतिभाग कार्य तामिल भाषा एव भारतीय भाषा हिन्दी संस्कृत भारतीय भाषा का संगम सरल सुबोध सीखने के तरीके विधि पर चर्चा की गई भारतीय भाषाओ को विदेशो में पढ़ाने व सिखने हेतु भारतीयों के लिए अथक प्रयास किया जा रहे है।डा० अशोक पाल सिंह भाषा शिक्षक अन्तर्राष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे।





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