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दलित परिवार की दिव्यांग महिला को अपने पिता का नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र,दोनो बहने हुई भावुक,पांच माह से काट रही अधिकारियों के चक्कर

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आरिफ नियाज़ी

रुड़की खंड विकास अधिकारियों और तहसील प्रशासन की लापरवाही के चलते शांतरशाह के एक दलित परिवार को आज तक भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है। आलम यह है की शंतरशाह गांव निवासी अनुसूचित जाति की दिव्यांग महिला मांघी और उसकी बहन प्रवेश पिछले पांच माह से अपने पिता की मृत्यु के प्रमाण पत्र के लिए तहसील से लेकर खंड विकास कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें आज तक भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है।

जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है आज सुबह दोनों बहने किसी तरह खंड विकास कार्यालय पहुंची जहा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को उन्होंने अपनी समस्या से अवगत भी कराया लेकिन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की लापरवाही के चलते उन्हें आज भी बैरंग लौटना पड़ा। दोनो बहने सरकारी सिस्टम से बेहद नाराज़ होकर भावुक होती अपने घर लौट गई।हालांकि अधिकारी इस बाबत कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

गौरतलब है की प्रेम पुत्र कुंदन का 14 अगस्त 2011को निधन हो गया था जिसके चलते अब लंबे समय बाद पीड़ित परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई तो उन्होंने सभी ओपचारिकताएं पूरी की लेकिन तहसील कार्यालय से लेकर खंड विकास कार्यालय रुड़की इस दलित परिवार को चक्कर लगाने पर मजबूर कर रहा है इन अधिकारियों को दलित परिवार पर कोई रहम नहीं आ रहा जिससे वह बेहद परेशान हैं।

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