देश मे बेहद चर्चा में आई संतो की हरिद्वार में हुई धर्म संसद के सभी संत जीवनदीप आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज से आशीर्वाद लेने रूड़कीं पहुंचे जहां उन्होंने एक विशेष समुदाय पर बड़ा हमला बोलते हुए जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी ने कहा कि हिंदुओं को आज भी खतरा बना हुआ है हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद को बेवजह तूल दिया जा रहा है। जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने कहा कि धर्म संसद के बाद हरिद्वार में कुछ लोगों ने एक तनावपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश की हरिद्वार के माहौल को खराब करने का प्रयास किया गया जिसे लेकर उन्होंने भी मस्जिदों के इमाम और पैगंबर के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ रायपुर में संतो के द्वारा की गई हरिद्वार में धर्म संसद जो देश में काफी चर्चा का विषय बनी है धर्म संसद के आयोजकों ने आज रुड़की आकर जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज से आशीर्वाद और समर्थन दिया। स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज ने कहा आदि अनादि काल से सनातन हिंदू संस्कृति शस्त्र और शास्त्र दोनों का सम्मान करती रही है धर्म की रक्षा जहां शास्त्र से हो सकती है वह शास्त्रार्थ हुए हैं किंतु जब धर्म की रक्षा हेतु शस्त्र की आवश्यकता पड़ी तो प्रभु श्री राम ने धनुष उठाया श्री कृष्ण ने महाभारत की रचना की।
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उन्होंने कहा कि आज सनातन हिंदू संस्कृति पर चारों दिशाओं से निरंतर हमला हो रहा है जिहाद के नाम पर आतंकवाद के नाम पर सेकुलर वाद के नाम हिंदुओं पर सांप्रदायिकता का आरोप लगाया जा रहा है। हिंदू आतंकवाद की संज्ञा दी जा रही है
ऐसे में भारत के साधु संत सनातन हिंदू धर्म संस्कृति परंपराओं की रक्षा के लिए अगर अपनी बात कह रहे हैं तो इसमें क्या गलत है। महामंडलेश्वर ने कहा कि जब धीमी आवाज से कोई नहीं सुनता है तो आवाज तेज करनी पड़ती है अगर कुछ संतो ने आवाज को तेज किया है वह केवल इस कारण किया है कि सेकुलर वाद की पोषक सरकारें और कानून कहीं ना कहीं हिंदू संस्कृति की रक्षा करने में असमर्थ रहा है।
रुड़की पहुंचने वालों में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद, महामंडलेश्वर प्रबोधानन्द गिरी, महंत आनंद स्वरूप, अमृत आनंद,महाराज डॉक्टर साध्वी अन्नपूर्णा भारती, सिंधु सागर, महाराज राघवेंद्र भारती, तथा अभी हाल में मुस्लिम से हिंदू धर्म में परिवर्तित हुए वसीम रिजवी जो अब जितेंद्र नारायण त्यागी
के नाम से जाने जाते हैं इन सभी ने बड़ी मात्रा में संतों के साथ जीवनदीप आश्रम रुड़की जाकर अपने गुरु जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्र आनंद गिरि का आशीर्वाद लिया एवं मार्गदर्शक की भूमिका में रहने के लिए उनसे निवेदन किया।

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