आरिफ़ नियाज़ी
रुड़की मैक्स रेमेडीज के डायरेक्टर और उत्तराखंड आल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के डॉ मतिउल्लाह मजीद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं आयुष मंत्री हरक सिंह रावत के द्वारा योग दिवस के मौके पर आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सकों को हिमाचल प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की तरह आकस्मिक एलोपैथी का चिकित्साभ्यास में लिखने की घोषणा का स्वागत किया है।
एक वर्चुअल बैठक के दौरान कुछ चिकित्सकों की और से आपत्ति दर्ज कराई गई कि यूनानी चिकित्सा की उपेक्षा हर कदम पर यूनानी पद्धति को आयुर्वेद के साथ अपने व्यख्यान में अथवा आदेशों में व्यक्त नही किया जाता जिससे यूनानी चिकिसकों को नज़र अंदाज़ और उपेक्षित किया जा रहा है।वर्चुअल बैठक में सभी यूनानी के डॉक्टरों ने यूनानी पद्धति पर भी सरकार को ध्यान देने की मांग की
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि बेहतर होगा यदि भविष्य में दोनों पद्यतियों के लिए कोई घोषणा सरकार द्वारा अगर की जाए तो उसमें आयुर्वेद एवं यूनानी दोनो को वर्णित किया जाये।हालांकि जब इस आदेश को धरातल पर उतारने के लिए शाशनादेश जारी किया जाए तो यूनानी पद्धति का नाम भी आयुर्वेद के साथ वर्णित होना चाहिए क्योँकि आयुर्वेद और यूनानी दोनो चिकित्सा पद्धति एक ही निदेशालय से संचालित होती हैं इसलिए एक साथ वर्णित होने से उपेक्षित होने का भाव समाप्त हो जाता है।
वर्चुअल बैठक में सभी चिकित्सकों ने इसका एक मत से स्वागत किया। साथ ही उत्तराखण्ड में जो राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है उसपर भी सभी डॉक्टर ने आयुष मंत्री से अनुरोध किया कि उसका कार्य भी जल्द से जल्द शुरू किया जाए।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर मतिउल्लाह ने की और संचालन डॉक्टर नावेद आज़म ने किया।
वर्चुअल /ऑनलाइन बैठक में ,डॉक्टर बिलाल अहमद,डॉक्टर जहांगीरआलम ,डॉक्टर फ़ारूक़,डॉक्टर फैजान अली,डॉक्टर मौ. नदीम ,डॉक्टर आस मुहम्मद,डॉक्टर गय्यूर ,डॉक्टर सलीम अख्तर आदि मौजूद रहे।



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