आरिफ नियाज़ी
झबरेडा से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के परिवार ने झबरेडा नगर पंचायत चेयरमैन और उनके परिवार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है।भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी बैजन्ती माला ने नगर पंचायत झबरेडा के चेयरमैन पर आरोप लगाया कि भक्तोवाली गांव के विवाद में चौधरी मानवेन्द्र सिंह का पूरा हाथ है उनकी साजिश के चलते ही तमाम घटना घटी और अब चेयरमैन चौधरी मानवेन्द्र सिंह विधायक के साथ अभद्रता करने वालों को जेल जाने से बचाने में लगे हैं।
बैजन्ती माला ने कहा कि भाजपा विधायक को नीचा दिखाने में चौधरी मानवेन्द्र सिंह कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं वो चाहते हैं कि क्षेत्र में विकास कार्य उनके कहने पर हों इसी लिए विकास में बाधा बन रहे हैं।विधायक की पत्नी बैजन्ती माला ने बड़ी बेबाकी के साथ कहा की उनके पति ,सतीश शर्मा डॉ त्रिपाठी और उन्होंने अपने स्वम के खर्चे पर साठ ऑक्सीजन दिए थे।
जिन्हे कोविड सैंटर को दिए गए।उन्होंने आरोप लगाया किं झबरेड़ा विधायक देशराज करणवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भक्तो वाली उच्चीकरण करवाना चाहते थे लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष ने उसमें भी अड़चन डाली ।उनका आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के भाई ने झबरेड़ा में निजी अस्पताल खोला है इसलिए वो पी एच सी को आगे बढ़ता हुआ देखना नहीं चाहते अगर पीएचसी में सुविधाऐं हो भी गई तो उनके निजी अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचेगा।
वहीं उन्होंने कहा कि कोविड के दौर में विधायक निधि से खर्च होने वाले एक करोड़ रुपए को नपं अध्यक्ष अपने भाई के निजी अस्पताल में खर्च करने का दबाब बना रहे थे लेकिन जब विधायक नही माने तो उन्होंने कुछ लोगों को आगे लाकर भक्तोवाली में गाली गलौज करवाई। विधायक की पत्नी का आरोप है कि विधायक ने मुख्यमंत्री से झबरेड़ा में भरत सिंह स्टेडियम की घोषणा करवाई लेकिन कॉलेज अध्यक्ष चौधरी कुलवीर सिंह ने इसमें अड़चन डाली।
उनका कहना था कि काम उनके अनुसार होना चहिये था। आरोप लगाया कि बस अड्डा मुख्यमंत्री से स्वीकृत करवाया था, जिसके लिए भूमि नगर पंचायत को उपलब्ध करवानी थी, लेकिन उन्होंने बस अड्डे की भूमि उपलब्ध नही करवाई जिसके कारण वह कार्य भी अधर में लटका है। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा
47 विकास कार्य नगर पंचायत और भक्तोवाली क्षेत्र में किये गए है।
लेकिन कुछ लोगों द्वारा स्वास्थ्य केंद्र की एडिट फ़ोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर उनकी छवि को धूमिल करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि नपं अध्यक्ष ने दुष्प्रचार किया कि झबरेड़ा क्षेत्र में 31 लोगों की मौत कोविड के कारण हुई है जबकि असलियत में कोविड से झबरेड़ा क्षेत्र में एक ही मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक से अभद्रता करने वाले आरोपी फिलहाल झबरेड़ा पंचायत अध्यक्ष की कोठी में शरण लिए हुए हैं।
विधायक की बढ़ती लोकप्रियता के कारण झबरेड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके पिता बौखलाए हुए हैं। विधायक प्रतिनधि सतीश शर्मा ने कहा कि निजी अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर देने के मामले में झबरेड़ा क्षेत्र के जिस व्यक्ति द्वारा लगाया गया है। उंस व्यक्ति को अधूरा ज्ञान है।
उन्होंनेकहा कि निजी अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर दिए गए हैं। वह उनके और विधायक द्वारा निजी खर्च से दिए गए थे। विधायक निधि से 60 सिलेंडर विधानसभा क्षेत्र की तीन सीएचसी को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति यह सिद्ध कर दे कि निजी अस्पताल में दिए गए सिलेंडर में विधायक निधि से सिलेंडर दिए गए हैं, तो वह उसे एक करोड़ रुपए देंगे।

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