आरिफ नियाज़ी।
विकास खंड रुड़की परिसर में सरकारी भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण पर बी डी ओ ने कड़ा रुख अपनाया है। खंड विकास अधिकारी सुमन कोटियाल दत्ताल ने पशु चिकित्साधिकारी, रुड़की को पत्र जारी कर विकास खंड परिसर में किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
खंड विकास अधिकारी द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में 25 अक्टूबर 2025 को पत्र संख्या 1260 के माध्यम से यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि विकास खंड कार्यालय परिसर में बिना सक्षम प्राधिकारी एवं क्षेत्र पंचायत की अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद मौके पर आदेशों की अवहेलना किए जाने के मामले सामने आए हैं।जिसके चलते बाहर की ओर छज्जे निकाले जा रहे है।
पत्र के अनुसार 10 दिसंबर 2025 को पुनः निरीक्षण के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अधोहस्ताक्षरी के आदेशों की अनदेखी करते हुए विकास खंड अधिकारी आवास एवं कार्यालय के सामने लगभग 2 से 3 फीट तक खुदाई कर गेट लगाने एवं छज्जा निकालने का कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य न केवल बिना अनुमति के किया जा रहा है, बल्कि इसे मनमाने तरीके से संचालित किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से नियमों के विपरीत है।
खंड विकास अधिकारी ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में पशु चिकित्सालय भवन निर्माण के संबंध में किसी प्रकार के अनधिकृत निर्माण की अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
बी डी ओ ने पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि विकास खंड परिसर में स्थित पशु चिकित्सालय भवन में किसी भी प्रकार का अवैध अथवा अनधिकृत निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में इस प्रकार का कोई भी निर्माण कार्य पाया गया, तो उसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी ने थाना प्रभारी गंगनहर, रुड़की को भी पत्र प्रेषित कर अवैध निर्माण कार्य को रुकवाने एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यह पत्र मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार को भी अवगत कराने के लिए भेजा गया है।
विकास खंड परिसर जैसे संवेदनशील सरकारी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण कार्य ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी आदेशों का पालन करते हैं या प्रशासन आगे और सख्त कदम उठाता है।





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