आरिफ नियाज़ी।
एफ डी ए के अपर आयुक्त के निर्देश पर भगवानपुर के मखनपुर स्थित नवदीप अस्पताल का निरीक्षण किया गया। जहां बिना पंजीकरण और डॉक्टर के बिना अस्पताल संचालन की शिकायत पर जब औषधि निरीक्षकों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। एफ डी ए की टीम के सामने अस्पताल प्रबंधन कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया जिसके चलते अस्पताल को फिलहाल अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल में ना तो वैध लाइसेंस और ना ही पंजीकरण दिखाया जा सका है।इतना ही नहीं कोई जिम्मेदार डॉक्टर भी मौके पर मौजूद नहीं था। विभाग ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जानकारी देते हुए अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया और अस्पताल की सभी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि सभी कमियों को दूर करने के बाद ही अस्पताल का संचालन दोबारा किया जा सकेगा।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने लाइसेंस और पंजीकरण के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन जब तक संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक अस्पताल पर एफडीए की सख्त निगरानी बनी रहेगी।
गौरतलब है कि हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र में एफडीए के अपर आयुक्त के निर्देशानुसार नव नियुक्त औषधि निरीक्षकों की जनपदों में तैनाती कर दी गई है। इसके साथ ही औषधि कारोबार पर प्रशासन की निगरानी और सख्त कर दी गई है।
हरिद्वार जनपद में 6 दिवसीय प्रशिक्षण, जो कि देहरादून में अपर आयुक्त एफडीए द्वारा प्रदान किया गया था, पूरा करने के बाद औषधि निरीक्षक मेघा और हरीश सिंह को नियुक्त किया गया है। फिलहाल, औषधि निरीक्षक मेघा ने 1 मई से अपनी तैनाती दे दी है और वर्तमान में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती के साथ प्रशिक्षण स्वरूप क्षेत्रीय दौरे पर हैं।
टीम ने आज भगवानपुर इलाके में औषधि निरीक्षण अभियान चलाया। तेज़ गर्मी के चलते दवाइयों के गलत तरीके से भंडारण को लेकर मेडिकल स्टोर्स और संस्थानों को सख्त चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक तापमान और सीधी धूप दवाइयों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, ऐसे में फार्मेसी संचालकों को तापमान नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।





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