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मंगलौर गंगनहर किनारे गुम्बद वाले पीर की दरगाह का मामले की शिकायत पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी से होगी शिकायत

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आरिफ नियाज़ी

रूडकी।मंगलौर में नहर के किनारे स्थित लगभग आठ सौ वर्ष पुराने शाह अब्दुल शकूर काजमी उर्फ गुम्बद वाले पीर की दरगाह का मुद्दा आज पूर्व उपराष्ट्रपति की पत्नी सलमा (काजमी) अंसारी के सामने रखा जाने की संभावना है।आज सलमा अंसारी रूडकी पधार रही है और दरगाह साबिर पाक में चादर पेश करेंगी।मंगलौर की दरगाह के सज्जादा व मुतवल्ली मसूद अबरार ने बताया वन विभाग व सिंचाई विभाग के कुछ कर्मचारी इस दरगाह को अवैध बता रहे हैं,

जबकि हमारे पास कई सौ साल के सारे पुराने प्रमाण मौजूद है।उन्होंने बताया कि पूर्व उपराष्ट्रपति की पत्नी सलमा काजमी जो अब सलमा अंसारी है,शाह अब्दुल शकूर की पीढ़ी से ही हैं,उनको आज इस बाबत अवगत कराया जाएगा।प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी ने बताया कि वे संबंधित अधिकारियों जिला अधिकारी तथा वक्फ बोर्ड अध्यक्ष से मिलकर पुराने सभी सुबूत व रिकॉर्ड दिखाएंगे और स्वयं आज सलमा अंसारी से मिल कर पूरे प्रकरण की जानकारी उन्हें देंगे।उन्होंने कहा कि अभी कोई नोटिस किसी विभाग की ओर से मसूद अबरार सज्जादा को नहीं मिला।

अफजल मंगलौरी ने कहा कि ये दरगाह सदियों से राष्ट्रीय एकता की प्रतीक रही है।उर्स के अवसर पर सभी हिन्दू-मुस्लिम मिलकर देश व प्रदेश की उन्नत्ति की दुआ करते हैं।पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल ने अपने कार्यकाल में इसका सौंदर्यकरण करा श्रद्धालुओं के लिए टाइल और नल लगवाया था।उन्होंने बताया कि हर साल कांवड़ पटरी पर कांवड़ यात्रियों के लिए इस दरगाह पर सेवा शिविर भी लगाया जाता रहा है और हर धर्म के लोग यहाँ बड़ी संख्या में अपनी मुरादें लेकर आते है।

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