आरिफ नियाज़ी
उत्तराखंड सरकार द्वारा लैंड जिहाद के निर्णय से उलेमाओं में भारी रोष व्याप्त है।उलेमाओं का कहना है की दरगाह और मजार का कार्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है बल्कि उनसे एक भाईचारे और सौहार्द का पैगाम जाता है।लेकिन उत्तराखंड सरकार ने दरगाहों और मजारों को तोड़ने का जो निर्णय लिया गया है यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है इसे किसी कीमत पर भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलियर अरबी मदरसे के मुफ्ती मुबारिक ने बड़ी बेबाकी के साथ कहा की दरगाहें और खानकाहों से हमेशा शांति और और आपसी भाईचारे का पैगाम जाता है गंगा जमनी तहजीब की एक मिसाल दी जाती है उन्होंने कहा की उत्तराखंड राज्य भी सूफी संतों और महापुरषों का प्रदेश है जहां कलियर शरीफ में साबिर साहब की सबसे बड़ी दरगाह के साथ साथ कई सूफी संतों के मजार हैं जहां देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या जायरीन अपनी मन्नत मुरादें लेकर पहुंचते हैं ।मुफ्ती मुबारिक ने कहा की देश में सभी धर्मों के लोगों को अपने अपने धर्मो को मानने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन उत्तराखंड सरकार जिस तरह से मजारों और दरगाहों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है
इसे किसी कीमत पर भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा सरकार को सभी धर्मो का सम्मान करना चाहिए ।उत्तराखंड एक नवसृजित राज्य है जहां सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते हैं सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।वहीं पूर्व हज कमेटी के चेयरमैन मौलाना जाहिद रज़ा रिजवी ने आरोप लगाया की उत्तराखंड सरकार राजनैतिक भेदभाव के चलते मजार और दरगाहों को निशाना बना रही है अगर सरकार को इस तरह का कोई निर्णय लेना है तो सरकारी भूमि पर बने सभी धर्मो के धार्मिक स्थलों को हटाना चाहिए दरगाहों को ही क्यों हटाया जा रहा है।
मौलाना जाहिद रज़ा रिजवी ने बड़ी बेबाकी के साथ कहा की देश और प्रदेश देव भूमि के साथ साथ सूफी संतों का प्रदेश है जहां सूफी संतों ने अपनी जान फना कर एकता और भाईचारे का हमेशा संदेश दिया ।उन्होंने कहा की कलियर में सबसे बड़ी दरगाह है जो इंसानियत और शांति का पैगाम देती है। हमारी राजधानी कलियर है जहां पर हिंदू और मुस्लिम अपनी आस्था के साथ दरगाह में पहुंचते हैं मुख्यमंत्री के लैंड जिहाद के निर्णय से मुस्लिम समाज काफी डरा हुआ है उसके अंदर बेचैनी है मुख्यमंत्री को राजनीति से ऊपर उठकर इस निर्णय को वापस लेना चाहिए ।
उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं लेकिन इस तरह के निर्णय से उलेमाओं में नाराज़गी है सरकार भी सभी की है और प्रदेश भी सभी का है जिसमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए।मौलाना जाहिद रज़ा रिजवी ने कहा की कलियर दरगाह से हमेशा शांति और भाईचारे का पैगाम जाता है आज इस तरह के निर्णय से उत्तराखंड के मुस्लिम समाज में भारी रोष है इस निर्णय को सरकार को वापस लेना चाहिए।




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