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प्रतिभा को मिला आसमां,रुड़की महिला काव्य मंच ने कविताओं के जरिए बिखेरे यादों के रंग, समाज सेवा का लिया संकल्प।

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आरिफ नियाज़ी।
​रुड़की। महिलाओं की अभिव्यक्ति को एक नया आकाश देने और उनके भीतर छुपी साहित्यिक प्रतिभा को निखारने में ‘रुड़की महिला काव्य मंच’ एक बेहतरीन माध्यम बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में मंच से जुड़ी दर्जनों कवयित्रियों ने रामनगर स्थित एक स्थानीय होटल में एक बेहद खूबसूरत काव्य गोष्ठी का आयोजन किया।​सुहावने मौसम और पुरानी यादों के ताने-बाने से बुनी इस महफिल में महिलाओं ने एक से बढ़कर एक शानदार कविताएं पेश कीं। किसी की रचना में सावन की फुहारों सा सुकून था, तो किसी की पंक्तियों ने पुरानी यादों को ताजा कर माहौल को भावुक और जीवंत बना दिया। मंच पर मौजूद हर महिला ने अपनी कलम की ताकत से अपनी रूहानी अभिव्यक्ति को शब्द दिए।​इस दौरान मंच की अध्यक्ष अर्चना त्यागी ने बताया की रुड़की महिला काव्य मंच का उद्देश्य केवल साहित्य सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक बड़ा और नेक मकसद समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। मंच से जुड़ी शाहिदा शेख,ममता चंद्रा,अनुपमा गुप्ता,निधि जैन, मरणालिनी शर्मा,वीना सिंह, कविता गोयल,रमा गुप्ता, बुशरा तबस्सुम,और अज़रा तबस्सुम आदि ने बताया की उनका मुख्य उद्देश्य कविताओं के माध्यम से महिलाओं में समाज सेवा की भावना को जाग्रत करना है। वह चाहती हैं कि हर महिला अपनी लेखनी और विचारों के जरिए समाज के उत्थान में अपना योगदान दे, ताकि एक सजग और संवेदनशील समाज का निर्माण हो सके।आज रूढ़ियों को तोड़कर महिलाओं ने अपनी अंतरात्मा की आवाज को कविताओं के रूप में सामने रखा।
​आज के बदले मौसम के मिजाज को कवयित्रियों ने अपनी पुरानी यादों से जोड़कर बेहद खूबसूरत रचनाएं पढ़ीं। मंच की सभी सदस्यों ने आने वाले समय में साहित्य के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
​इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाओं को सही मंच मिलता है, तो वह ना केवल अपनी भावनाओं को खूबसूरत शब्द देती हैं, बल्कि समाज को दिशा दिखाने का हौसला भी रखती हैं।

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