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बिना नोटिस बीएसएफ जवान के मकान को एच आर डी ए ने किया सील,कार्यवाई से ग्रामीणों में भारी गुस्सा।

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आरिफ नियाज़ी।

​रुड़की के मंडावली एक तरफ जहां देश की सेवा में जवान अपनी जान की बाजी लगा देते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके पीछे उनके परिवारों को व्यवस्था की मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है। ऐसा ही एक बेहद गंभीर मामला रुड़की के मंडावली गांव से सामने आया है, जहां दिल्ली में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान के मकान पर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की टीम ने सीलिंग की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी पूर्व नोटिस के सीधे मकान को सील कर दिया गया।
​ जानकारी के अनुसार, मंडावली गांव में भारी दलबल के साथ पहुंची HRDA की टीम ने एक आवासीय परिसर को सील कर दिया। परिजनों का कहना है कि मकान मालिक देश सेवा में दिल्ली में तैनात हैं। एचआरडीए की टीम ने उन्हें अपना पक्ष रखने का एक भी मौका नहीं दिया और ना ही पहले कोई प्रशासनिक नोटिस तामिल कराया गया। हैरत की बात यह रही कि टीम ने सीलिंग की कार्रवाई करने के बाद मकान के मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा किया, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
​​इस एकतरफा कार्रवाई के बाद से मंडावली गांव के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। मामले पर नाराजगी जताते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल कुमार ने कहा की ​”नियम और कानून सबके लिए बराबर होने चाहिए। नियमानुसार विभाग को पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगना चाहिए था। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सीधे आकर इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह से अनुचित है। गांव के लोगों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। हम इस मामले की निष्पक्ष जांच और सेना के परिवार को तुरंत राहत देने की मांग करते हैं।”
​इस पूरे मामले में एक नया और राजनीतिक मोड़ तब आया जब पीड़ित परिजनों ने सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता पर निशाना साधा। परिजनों का गंभीर आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई नियम विरुद्ध तरीके से सिर्फ और सिर्फ सत्ताधारी दल के एक रसूखदार नेता के इशारे और राजनीतिक दबाव में की गई है।
​फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से पीड़ित परिवार में डर और नाराजगी का माहौल है, वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि देश के जवान के परिवार को न्याय नहीं मिला, तो वे इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।वहीं इस बाबत एचआरडी के अधिकारी को कहना है कि बिना एचआरडी के अनुमति के बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा था जिसे आला अधिकारियों के निर्देश पर सील कर दिया गया है।

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