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रुड़की ईदगाह में हर्षोल्लास के साथ अदा की गई ईद की नमाज;मुफ़्ती सलीम और मौलाना अजहर कासमी ने युवाओं को दिया शिक्षा और किरदार सुधारने का संदेश

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आरिफ नियाज़ी

रुड़की आज देशभर के साथ-साथ रुड़की में भी ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। रुड़की ईदगाह में हजारों की संख्या में नमाजियों ने खुदा की बारगाह में सिर झुकाया।

इस पावन अवसर पर रहमानिया अरबी मदरसे के मुफ़्ती सलीम ने कहा की ईद का पर्व हमें मोहब्बत सिखाता है खुलुस और भाईचारा सिखाता है।उन्होंने कहा की आज अधिकांश परिवारो में छोटी छोटी बात पर विवाद बढ़ रहे है

जो ठीक नहीं है आज ईद के मौक़े पर सभी को दूरियां ख़त्म कर मोहब्बत का पैगाम देना चाहिए। उन्होंने मुसलमानो से बुराईयों से दूर रहकर अच्छे कामो पर ध्यान लगाने की भी अपील की ।

इस दौरान मुफ़्ती सलीम ने फिल्मे देखने को भी बड़ा गुनाह करार दिया उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा की गाने बजाने फिल्मे देखने से पूरी तरह बचना चाहिए । गाने और म्युज़िक पूरी तरह से हराम है।

आज के समय में मुसलमानो को अपने अच्छे किरदार को आगे लाने की है ताकि समाज में एक अच्छा सन्देश जाए।रहमानिया अरबी मदरसे के प्रधानाचार्य मौलाना अजहर कासमी ने कौम को संबोधित करते हुए कहा कि ईद केवल खुशियों का नाम नहीं, बल्कि यह आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है।

मौलाना कासमी ने समाज में सुधार पर जोर देते हुए कहा, “आज मुसलमानों को अपने किरदार (चरित्र) को बेहतर बनाने की सख्त जरूरत है। हमारी पहचान हमारे ऊंचे अखलाक और व्यवहार से होनी चाहिए।” उन्होंने नई पीढ़ी के मोबाइल की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों को बच्चों को समय देने की सलाह दी।

मौलाना ने शिक्षा के गिरते स्तर पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में यूपीएससी में 60 मुस्लिम छात्र सफल हुए हैं, जिनमें बिहार से 12 लेकिन उत्तराखंड से मात्र 4 बच्चे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उत्तराखंड के युवा मेहनत में पीछे क्यों रह रहे हैं? उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अपना लोहा मनवाएं।

ईदगाह रुड़की में नमाज से पहले मौलाना ने कहा कि यह त्यौहार सबको साथ लेकर चलने का है।

भाईचारे और आपसी सौहार्द का है।मौलाना कासमी ने जोर दिया कि समाज में अपनी जगह बनाने के लिए हमें अपनी जीवनशैली और आचरण में सुधार करना होगा।

मौलाना ने मां बाप को नसीहत दी कि बच्चों को मोबाइल के भरोसे न छोड़ें, उन्हें वक्त दें और सही राह दिखाएं।इस मौक़े पर प्रमुख समाजसेवीऔर स्पीड लाईन फर्म के डायरेक्टर और लुमीनस इन्वर्टर के कारोबारी मोहम्मद आदिल, रहमानिया वक्फ कमेटी के चेयरमैन हाज़ी मुस्तकीम, जमीयत उलेमा ए हिन्द के नगर अध्यक्ष मुफ़्ती शौकीन साहब आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

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