आरिफ नियाज़ी।
भगवानपुर क्षेत्र के सिकरोढ़ा गांव के जंगल में पशु चरा रहे दो सगे भाइयों के अपहरण की सनसनीखेज घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि चार अज्ञात अपहरणकर्ताओं ने मासूम बच्चों को दस-दस रुपये का लालच देकर अपनी गाड़ी के पास बुलाया और फिर उनका मुंह दबाकर जबरन गाड़ी में डालकर फरार हो गए।
घटना के बाद अपहरणकर्ताओं की गाड़ी रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां तीन आरोपी चाय पीने के लिए गाड़ी से उतर गए। कुछ देर बाद चौथा व्यक्ति भी शौच के बहाने गाड़ी से बाहर निकल गया। इसी दौरान पीछे सीट पर बैठे दोनों मासूम बच्चों ने साहस दिखाते हुए गाड़ी का शीशा तोड़ा और गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई।
अपहरण से बचकर निकले दोनों बच्चे बदहवास हालत में भागते हुए सिविल अस्पताल की ओर पहुंचे। अस्पताल के कर्मचारियों ने बच्चों से पूरी घटना की जानकारी ली और तत्काल अस्पताल प्रबंधन को सूचित किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक ममता राकेश को भी मामले की जानकारी दी गई तथा बच्चों के परिजनों से संपर्क किया गया।
सूचना मिलते ही आनन-फानन में सिविल अस्पताल पहुंचे परिजनों ने अपने बच्चों को सकुशल देखकर राहत की सांस ली। पीड़ित बच्चों की पहचान अब्बास पुत्र लियाकत और फरमान पुत्र रिज़वान, निवासी सिकरोढ़ा गांव के रूप में हुई है।
इसके बाद परिजन बच्चों को लेकर भगवानपुर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने प्राथमिक पूछताछ के बाद बच्चों को घर भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी हुई है।
घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।





More Stories
इज़ईराल और ईरान युद्ध पर नगर निगम के पूर्व पार्षद संजीव शर्मा की भारत को सलाह
मंगलौर में ख़ामनेई की मौत पर ज़ोरदार प्रदर्शन,अमेरिका–इज़राइल के खिलाफ जताई कड़ी नाराज़गी
होली पर्व को लेकर भगवानपुर थाने में शांति समिति की बैठक,एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी ने दिया सौहार्द और भाईचारे का संदेश