आरिफ नियाज़ी।
रूड़की। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिझोली गांव में भारतीय भाषा दिवस एवं भारतीय भाषा उत्सव को बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
यह कार्यक्रम तमिल के महान कवि एवं लेखक सुब्रमण्यम भारती की जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जो इस वर्ष 4 दिसंबर से 11 दिसंबर तक मनाया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देश की विभिन्न भाषाओं और हिंदी भाषा के महत्व को उजागर करते हुए जागरूकता रैली निकाली। छात्र-छात्राओं ने स्लोगन लिखे बैनर एवं पोस्टर हाथ में लेकर भारतीय भाषाओं की समृद्धि, विरासत तथा एकता के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के शिक्षक डॉ. अशोक पाल ने बताया कि भारतीय संविधान में 22 अनुसूचित भाषाएं सम्मिलित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने भाषा वृक्षा प्रदर्शन, भाषा विरासत, भाषा कविता, भारतीय भाषाओं में कहावतें, भारतीय भाषा और त्यौहार जैसे विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की भाषाई विविधता ही राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी शक्ति है।
डॉ. पाल ने मातृभाषा, स्थानीय भाषा और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में भाषा क्लब, भाषा मेला, भाषा आधारित कहानी व कविता प्रस्तुति का आयोजन भी किया गया, जिसे छात्रों एवं शिक्षकों ने खूब सराहा।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संस्कृत, गढ़वाली, राजस्थानी, गुजराती, हिंदी और तमिल भाषा में आकर्षक प्रस्तुति देकर सभी को प्रभावित किया। रैली में आरती, आफरीन, खुशी, पायल, वंश, शिवा, अपूर्वा, सादिया, सोनम, शबनम, अरसलान, वसीम, शिवासु, इसराना, जतिन शर्मा, प्रतिभा, सुधीर सैनी, पिंकी आदि विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गौरतलब है की स्कूल के शिक्षक अशोक पाल समय समय पर इस तरह के कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते है।





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