आरिफ नियाज़ी।
पिरान कलियर में रास्ते को लेकर उपजा विवाद आज अचानक गर्मा गया। तहसील प्रशासन द्वारा प्रस्तावित रास्ते के बीच में निशान लगाने से स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया और उनमें भारी नाराज़गी फैल गई। स्थानीय निवासियों औरझुग्गी झोपडी में रहने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया कि यदि यह रास्ता बंद कर दिया गया तो उन्हें दैनिक
आवाजाही में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों ने कहा कि रास्ते पर अवरोध लगने से ना केवल उनकी झुग्गी-झोपड़ियों तक पहुँचना मुश्किल होगा, बल्कि क्षेत्र में स्थित गेस्ट हाउस में आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह बाधित हो जाएगी। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनके मार्ग को ख़त्म करने की कोशिश की तो वह आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि तहसील प्रशासन कलियर में एक सरकारी अस्पताल के निर्माण कार्य कर रहा है। प्रारंभिक रूप से बताया जा रहा है कि अस्पताल की भूमि की सीमाएँ मौजूदा रास्ते तक फैली हुई हैं। इसी क्रम में आज रुड़की तहसील प्रशासन के अधिकारी पिरान कलियर पहुँचे और संबंधित भूमि की नापतोल शुरू की।
नापतोल के दौरान यह बात सामने आई कि झुग्गी-झोपड़ियों तक जाने वाला रास्ता भी अस्पताल की निर्धारित भूमि में शामिल होता है। इस कारण प्रशासन भूमि सीमांकन की प्रक्रिया में आगे बढ़ने से पहले वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में जुटा है।इधर, रास्ता बंद होने की आशंका से चिंतित ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, रुड़की तहसील प्रशासन के अधिकारी नापतोल व सीमांकन की प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं, और स्थिति को शांत रखने के लिए पुलिस अधिकारी भी क्षेत्र में नज़र बनाये हुए है।





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