आरिफ नियाज़ी।
रुड़की सीबीएससी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा का अंदाजा कराया है। पठानपुरा निवासी पेशे से एडवोकेट जावेद अख्तर की बेटी फातिमा अख्तर ने सेंटेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हाई स्कूल की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता पिता और स्कूल का नाम रोशन किया है। फातिमा अख्तर आज दूसरी छात्राओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। फातिमा अख्तर ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती अगर मेहनत की जाए तो मंजिल आसानी से मिल सकती है। फातिमा अख्तर के आवास पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। फातिमा अख्तर अपनी इस मेहनत का श्रेय अपने माता-पिता और अपने स्कूल के स्टाफ को देती हैं। फातिमा अख्तर ने बताया कि उनके माता-पिता ने आज तक उन्हें कोई मोबाइल नहीं दिया और ना ही कभी किसी काम के लिए दबाव बनाया जिसके चलते उन्हें पढ़ाई करने में बेहद आसानी हुई उसी का नतीजा है कि आज उन्होंने यह मकाम हासिल किया है।खास बात यह है कि आज तक उन्होंने कोई कोचिंग भी नहीं ली है। फातिमा अख्तर ने बताया कि वह स्कूली शिक्षा के साथ-साथ दीनी तालीम पर भी पूरा ध्यान देती हैं पांच वक्त की नमाज और कुरान शरीफ उनकी आदत बन चुका है इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि उन्होंने 5-6 घंटे पढ़ाई करके इस मुकाम को हासिल किया है। फातिमा अख्तर की कामयाबी पर उनके माता-पिता भी गर्व महसूस कर रहे हैं । उनकी स्कूल की प्रधानाचार्य और स्कूल के समस्त स्टाफ ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी है ।फातिमा का सपना है कि वह वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा में अपना अहम योगदान दे।वहीं फातिमा के पिता जावेद अख्तर भी उनकी सफलता पर बेहद प्रसन्न हैं।





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