आरिफ नियाज़ी
रुड़की में ऊर्जा निगम द्वारा भीषण गर्मी में की जा रही रोस्टिंग के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन रोड़ ने ऊर्जा निगम के कार्यालय का ज़ोरदार घेराव कर धरना प्रदर्शन किया।इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे गुस्साए किसानों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर खराब कार्यशैली एवं भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए ज़ोरदार नारेबाजी भी की। किसानों हंगामा बढ़ते देख ऊर्जा निगम के अधिकारी भी किसानों के बीच पहुंचे जहां उन्हें किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
दरसअल भारतीय किसान यूनियन सिंह रोड गुट ने ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अर्बन के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि जब तक बिजली विभाग से संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक वह धरना समाप्त नहीं करेंगे। धरने से पहले किसानों ने पैदल मार्च भी निकाला। रुड़की स्थित शहरी विकास कार्यालय में धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन पदम सिंह रोड गुट के अध्यक्ष पदम सिंह रोड ने कहा कि आज बिजली कटौती सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है वही बेहिसाब बिल किसानों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि किसानों को निशुल्क बिजली दी जाए।इसके साथ ही उन्होंने कहा बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली जनता को परेशान करने वाली है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे हुए ट्रांसफार्मर और जर्जर तारों को बदला नहीं जा रहा है वही तारों को जोड़ने और मीटर चेक आदि के नाम पर किसानों से अवैध वसूली और उत्पीड़न किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता की कार्यशैली जनता के हित में नहीं है कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा । वही भारतीय किसान यूनियन रोड़ के युवा प्रदेश अध्यक्षसंजीव कुशवाहा ने आरोप लगाया कि किसानों के बेहिसाब बिल से किसानों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न हो रहा हैं।
उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि किसानों को निशुल्क बिजली दी जाए।इसके साथ ही उन्होंने कहा बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली जनता को परेशान करने वाली है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे हुए ट्रांसफार्मर और जर्जर तारों को बदला नहीं जा रहा है वही तारों को जोड़ने और मीटर चेक आदि के नाम पर किसानों से अवैध वसूली और उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता की कार्यशैली जनता के हित में नहीं है ।किसान नेता संजीव कुशवाह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तार जर्जर हालत में जिनके कारण हल्के हवा चलने पर वह आपस में टकरा कर बिजली सप्लाई को ध्वस्त कर देते हैं। कहा कि लंबे समय से तारों की मरम्मत नहीं की गई है इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मीटर रीडर रीडिंग को कम ज्यादा लिख देते हैं जिसके कारण किसान भारी-भरकम बिल को देने में असमर्थ हो जाता है और उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ता है उन्होंने कहा कि आज धरने का पहला देना। दिन व दिन धरना तेजी पकड़ेगा।
इस अवसर पर यूनियन के जिलाध्यक्ष नाजिम अली, ज़िला उपाध्यक्ष मुबारिक अली, घनश्याम आचार्य, मास्टर महेंद्र सैनी, रामदास, इंदर सिंह रोड, प्रदीप त्यागी, सोनू मूलेवाला, छोटा सैनी, सतवीर रोड, मंजेस रोड, शमीम अहमद, राजबीर रोड, अर्जुन सैनी, दीपक कश्यप, राकेश, लाखन रोड, अरशद, सतीश, भुल्लन सैनी, ललित रोड,रणधीर आदि मौजूद रहे।

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