आरिफ़ नियाज़ी
रूड़कीं उत्तराखंड रजिस्ट्रार कानूनगो संघ ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है फिलहाल संघ के तमाम कर्मचारी काली पट्टी बांधकर 18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक आधा दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। वहीं संघ के पदाधिकारियों ने एक नवम्बर से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी भी दे डाली है।रूड़कीं तहसील में कार्यरत उत्तराखंड रजिस्ट्रार संघ के प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि उनका संगठन पिछले लंबे समय से उत्तरखंड के मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर अवगत कराता रहा है लेकिन आज तक भी कोई निर्णय प्रदेश सरकार ने नहीं लिया गया है जिसके चलते अब उनका संगठन आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
पांडेय ने कहा कि जब प्रदेश सरकार ने उनकी नहीं सुनी तो संघ को मजबूरी में आंदोलन के लिए जाना पड़ा जिसके लिए सूबे के मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और डीजीपी को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि संगठन के लोगों ने एक बार मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी दिया था लेकिन आज तक भी सिवाए कोरे आश्वसनों के कुछ हासिल नहीं हुआ जिसके चलते अब आंदोलन करने के अलावा संघ के पास कुछ नहीं बचा है। पांडेय ने बताया कि 18अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक सुबह दस बजे से एक बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
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संघ की प्रमुख मांगों में नायब तहसीलदार एवं सहायक भूलेख अधिकारी के पदों पर न्याय संगत कोटा निर्धारित करने,रजिस्ट्रार कानूनगो के पदों का पुनर्गठन करने,रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग में कम्प्यूटर प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति करने आदि की मांग की गई। संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश मारवाह ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को संघ लंबे समय से पदोन्नति में चली आ रही घोर विसंगति को समाप्त करने एवं संगठन की लंबी समस्याओं के निराकरण की मांग करता चला रहा है लेकिन शासन द्वारा रजिस्ट्रार कानूनगो संवर्ग की लगातार उपेक्षा की जा रही है।उन्होंने कहा कि 2021 में राजस्व परिषद द्वारा नायब तहसीलदार पद पर की गई तदर्थ पदोन्नति में जहां राजस्व निरीक्षक संवर्ग में पदोन्नत वर्ष 1993 के नियुक्त राजस्व उपनिरीक्षक को पदोन्नति दी गई
वहीं रजिस्ट्रार कानूनगो संवर्ग में पदोन्नत 1990 में नियुक्त राजस्व उपनिरीक्षक को पदोन्नति से वंचित किया गया जो भी संवर्ग की उपेक्षा का उदाहरण है ।उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान समय में राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के 50% पद पदोन्नति से भरे जाने की व्यवस्था है जिसमें से राजस्व निरीक्षक के लिए 40% और रजिस्टर कानूनगो के लिए 10% कोटा निर्धारित है। इसी तरह से सहायक भूलेख अधिकारी के पदों पर राजस्व निरीक्षक का 75 प्रतिशत एवं रजिस्ट्रार कानूनगो का 25% कोटा निर्धारित है। लेकिन प्रदेश सरकार संघ की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है जिससे उत्तराखंड रजिस्टार कानूनगो संघ में भारी आक्रोश है।अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना तो उत्तराखंड रजिस्ट्रार कानूनगो संघ अपना आंदोलन तेज कर देगा।
इस मौके पर संघ के जिला कोषाध्यक्ष सतीश कुमार, जिलाध्यक्ष अमरीश शर्मा, जिला मंत्री मधुकर जैन, भगवानपुर तहसील के रमेश प्रसाद ,आलोक खरे, विजेंद्र कुमार,और सुरेंद्र तोमर ने प्रदेश सरकार में अपनी मांगों को लेकर जमकर हमला बोला है।



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