Jan Mudde

No.1 news portal of India

रूडकी के करनल्स हॉस्पिटल के डॉक्टर अदनान मसूद को राष्ट्रपति द्वारा मैडल तो सयुंक्त राष्ट्र के फोर्स कमांडर द्वारा भी किया जा चुका है सम्मानित,ज़िला प्रशासन की छापेमारी के बाद चर्चाओं में रहा हॉस्पिटल

Spread the love

आरिफ़ नियाज़ी

एक तरफ जहां कोरोना जैसी महामारी में लोगों को उपचार के लिए भले ही इधर उधर अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े हों लेकिन वहीं रूडकी शहर के कुछ हॉस्पिटल ऐसे भी हैं जिन्होंने बेहतर उपचार के चलते  लोगों को नई जिंदगी देने का काम किया है। हाल ही में चर्चा में आए रूडकी के  कर्नलस हॉस्पिटल पर भले ही पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की हो लेकिन  इस हॉस्पिटल में काफी लोगों  को बेहतर उपचार भी मिला है।

हालांकि पुलिस प्रशासन की टीम को  इस हॉस्पिटल में क्या खामियां मिली हैं इसकी जांच तो अभी जारी है फिलहाल प्रशासन ने हॉस्पिटल पर सील लगाने की कार्यवाही कर रखी है ।इतना ही नहीं फिलहाल ओपीडी भी बंद है।  प्रशासन की जांच अभी जारी है। इस हॉस्पिटल पर छापेमार कार्यवाही होने के बाद शहर के अन्य  हॉस्पिटल स्वामियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल करनल्स अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर अदनान मसूद 1999 में डॉक्टर के पद पर आर्मी मेडिकल कोर में मिलिट्री हॉस्पिटल रुड़की में नियुक्त हुए थे डॉक्टर अदनान ने  एक फरवरी 1999 से दिसंबर 2019 तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं बेहद ईमानदारी से प्रदान की जिनकी बेहतर  सेवाओं को  देखते हुए भारतीय सेना ने डॉक्टर अदनान को उनकी सेवाओं  के दौरान आसाम के इंटीरियर क्षेत्रों में नियुक्त किया।

 जहां डॉक्टर अदनान  ने लगभग चार  साल तक  अपनी सेवाएं प्रदान की। हालांकि उस समय ये क्षेत्र आतंकवाद से जूझ रहा  था  लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी  हिम्मत नहीं हारी। खास बात ये है कि डॉक्टर अदनान  की सेवाओं को देखते हुए महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा भी उन्हें  मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।  इसके बाद डॉक्टर अदनान मसूद को एक  अक्टूबर 2010 से नवंबर 2011 तक संयुक्त राष्ट्र के द्वारा संचालित कोंगो के level-3 हॉस्पिटल मैं नियुक्त किया गया जहां पर  उन्होंने ना सिर्फ भारतीय सैनीको बल्कि अन्य देशों के सैनिकों एवं सिविलियन का उपचार  भी बेहतर तरीके से किया जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र के फोर्स कमांडर के द्वारा प्रशंसा पत्र एवं मेडल भी उन्हें  प्रदान किए गए।

इसके बाद डॉक्टर  अदनान को नवंबर 2011 से अप्रैल 2014 तक जम्मू कश्मीर के उस क्षेत्र में भेजा गया जो आतंकवाद से  जूझ रहा था इतना ही नहीं लगातार वहां पर भारतीय सेना के सैनिकों पर जानलेवा हमले हो रहे थे और वहां पर डॉक्टर अदनान मसूद ने भारतीय सैनिकों और उस इलाके में रहने वाले सैनिकों के परिवार जनों का सफल इलाज किया था प्रार्थी को इन सेवाओं के लिए भी महामहिम राष्ट्रपति द्वारा मेडल से उन्हें सम्मानित किया गया।

डॉक्टर अदनान ने लेह, लद्दाख, दरास एवं कारगिल जैसे एक्सट्रीम कोल्ड एंड डिफिकल्ट terrain में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपनी सेवा प्रदान की।उसके बाद डॉक्टर अदनान  द्वारा दिसंबर 2019 में  भारतीय सेना से वीआरएस ले लिया गया क्योंकि इसी दौरान दिसंबर माह  2015 में उनका  एक सड़क दुर्घटना में बाया पैर पैरालाइज्ड हो चुका था और दाया हाथ भी बुरी तरह जख्मी हो गया था जिस कारण उनके हाथ और पैर में बेहद परेशानी रहती है

इस कारण उन्होंने भारतीय सेना की सम्मानित नौकरी से स्वेच्छा से पीएमआर ले लिया और इसके बाद  उन्होंने 4 जनवरी 2020 में रुड़की के  दिल्ली रोड पर एक अपना हॉस्पिटल बना लिया।  डॉक्टर  अदनान मसूद का कहना है कि वो अपना प्राइवेट हॉस्पिटल खोलकर समाज की सेवा करना चाहते थे इसी लिए उन्होंने हॉस्पिटल का नाम कॉलोनल्स हेल्थ केयर मैनेजमेंट सर्विसेज रखा।

इसी दौरान  करनल्स  हॉस्पिटल में दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ने लगी और एक साजिश के तहत  उनके हॉस्पिटल पर छापेमारी की घटना को अंजाम दिला दिया जबकि उनके अस्पताल में कोई भी कोरोना जैसी बीमारी का मरीज नहीं था।

अधिक पढ़े जाने वाली खबर

error: Content is protected !!
जन मुद्दे के लिए आवश्यकता है उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न० 9719430800,9557227369