आरिफ नियाज़ी
उत्तराखंड में अरबी मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में छात्रों की संख्या लगातार कम होने से उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अधिकारी चिंतित हैं मदरसा बोर्ड के अधिकारी छात्रों की संख्या की लगातार जानकारी जुटा रहे है। वहीं इस बार रहमानिया अरबी मदरसे में परीक्षा देने वाली महिलाओं की संख्या भी ठीक ठाक है एक परिवार की मां बेटी भी एक ही कक्ष में एक साथ मदरसा बोर्ड की परीक्षा दे रहीं हैं।
जिसने अरबी मदरसा प्रबंधन को भी हैरत में डाल दिया है।खास बात यह है की पहले दिन रहमानिया अरबी मदरसे में चल रही परीक्षा में 253 छात्रों में से कुल 190 छात्र ही परीक्षा देने पहुंचे थे जिसमें 63 छात्र अनुपस्थित मिले थे हालांकि इस परीक्षा में पहले दिन मौलवी की परीक्षा में 34, आलिम के 11 छात्रों के साथ साथ कामिल फाजिल के छात्र भी अनुपस्थित मिले थे।
आज दूसरे दिन की परीक्षा में कुल छात्रों की संख्या घटकर 188 जा पहुंची जिसमें आज भी 65 छात्र अनुपस्थित रहे।इनमें सबसे अधिक मौलवी के 35 छात्र,आलिम के 12छात्र,मुंशी के 6, कामिल प्रथम वर्ष 6,कामिल दूसरे वर्ष के 2 और इसी तरह फाजिल परीक्षा के भी दो छात्र अनुपस्थित रहे।गौरतलब है की इन परीक्षाओं को अभी तक भी उत्तराखंड सरकार से किसी तरह की कोई मान्यता नहीं मिली है जिसके चलते छात्रों में भी मायूसी है यहां तक की इन्हे किसी बोर्ड परीक्षा के समकक्ष तक की भी मान्यता नहीं मिली है जिसके चलते अरबी मदरसे के छात्र छात्रों का भी इन परीक्षाओं से लगातार मोह भंग हो रहा है भले ही उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शूमून कासमी आज के रहमानिया अरबी मदरसे के दौरे के बाद जल्द ही मान्यता दिलाने के दावे करते हो
लेकिन अभी दूर दूर तक भी ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। मुफ्ती शमून कासमी प्रदेश के अरबी मदरसों को लेकर कितने भी दावे करलें लेकिन अभी तक धरातल पर कुछ भी नहीं नजर आ रहा है उत्तराखंड सरकार अरबी मदरसों को लेकर कितनी संजीदा है यह सभी आलिम लोग भी गंभीरता से जानते हैं। अरबी मदरसों का मुस्तकबिल कितना अच्छा रहेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।





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