आरिफ नियाज़ी।
ईद-उल-अजहा के मौक़े पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स और रहमानिया वक्फ के चेयरमैन हाजी मुस्तकीम ने मुस्लिम समाज से एक बेहद खास अपील की है। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से समाज के लोगों से इस त्योहार को शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने का आह्वान किया है।
दोनों नेताओं ने विशेष तौर पर जोर देते हुए कहा कि इस त्योहार के दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा की किसी भी सूरत में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी ना की जाए। कानून और नियमों के दायरे में रहकर ही त्योहार की खुशियां मनाएं।”
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने त्योहार के वास्तविक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुर्बानी का यह पर्व प्रेम, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। इसका मकसद किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कतई नहीं है
रहमानिया वक्फ के चेयरमैन हाजी मुस्तकीम ने कहा कि हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल है, जहां सदियों से सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं। भारत की इस संस्कृति में लोग हमेशा से एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और खुशियां बांटते हैं। इस बार भी हमें इसी परंपरा को और मजबूत करना है।
उन्होंने सभी से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और देश व प्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ करें।





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