आरिफ नियाज़ी
रुड़की में बड़े पैमाने पर फर्जी अस्पतालों का संचालन हो रहा है आलम यह है की गली मोहल्लों से लेकर हाइवे तक बड़े बड़े हॉस्पिटल खुले हैं लेकिन इनके पास कोई मान्यता नहीं है इसी को गंभीरता से लेते हुए रुड़की प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी करते हुए दो अस्पतालों को सील करने की कारवाई की है
इसके साथ ही चार अस्पतालों पर पचास पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इन अस्पतालों में मरीजों का उपचार कर रहे चिकित्सक कोई डिग्री टीम को नही दिखा पाए ऐसे में उन्हें झोलाछाप कहा जाए तो गलत नहीं है।
रुड़की सिविल अस्पताल के सीएम एस संजय कंसल ने बताया कि उनके द्वारा शुक्रवार को नगर के 6 अस्पतालों में निरीक्षण कर लाइसेंस और चिकित्सकों के डिग्री आदि की जांच की गई थी मुझे जिसमें अस्पतालों द्वारा चिकित्सकों के कोई डिग्री आदि नही दिखाई। उन्होंने चौबीस घंटे समय दिया गया था। वहीं आज सुबह एक अस्पताल ने डिग्री और कुछ कागजात प्रस्तुत किए लेकिन अन्य कोई कागजात नही दिखा पाए।
सीएमएस ने बताया कि इसके बाद आज तहसीलदार रेखा आर्य के नेतृत्व में उक्त अस्पतालों में फिर से छापेमारी की गई जहां पाया गया कि बिना डिग्री वाले चिकित्सक और स्टाफ के लोग मरीज का उपचार कर रहे हैं इसके साथ ही महिलाओं की डिलेवरी और ऑपरेशन आदि भी उनके द्वारा किए गए हैं ऐसे दो अस्पतालों जिसमें जीवनदीप अस्पताल और कैलाश अस्पताल को सील किया गया है और मरीजों को सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
इसके साथ ही चार अस्पतालों पर पचास पचास हजार का जुर्माना लगाया गया है। तहसीलदार रेखा आर्य ने बताया कि आगे की कारवाई जारी है और भविष्य में इस प्रकार की कारवाई की जाती रहेगी लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा।





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